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मेरे ही मित्र , क्यों न बनें , अमीर ?
आज आपको इंटरनेट से या ब्लॉग से पैसे कमाने का लॉजिक समझा रहा हूँ , जो प्रोफेशनल ब्लॉगर हैं , वे अच्छी तरह जानते हैं ,कि किस प्रकार सूर्य से रोशनी मिलती है , यानि ऐडसेंस से डॉलर मिलते हैं , लेकिन कुछ भ्रामक कम्पनी आपको बल्ब या ट्यूब लाइट दिखाकर ,सूरज की रोशनी का लालच दे रहे हैं ! बस ये अंतर है ऐप डाउनलोड करके पैसे कमाने में और अपनी वेब पर ऐड लगाकर पैसे कमाने में ! पहला तरीका यदि बिग बाजार या मॉल है तो दूसरा घर – घर जाकर सेल्समेन की तरह जिल्लत का काम ! निश्चित रूप से यह योगयता पर निर्भर करता है , लेकिन आप क्यों नहीं कर सकते , मैंने कोई पैसे कमाने के लिए वेबसाइट नहीं बनाई थी , सिर्फ आपको दिखाना था कि आप सम्मान के साथ इस तरह से पैसे कमा सकते हैं ! समाजसेवा का कोई काम कीजिये , पैसा किसी से मत मांगिये , अपने आप डॉलर, आपके पास होंगे ! मेरी वेबसइट पर लगे ऐड पर क्लिक न कीजिये , क्योंकि , कौन इनकमटेक्स के चक्कर में पड़े ! मैं , ये सब रूपये राहत कोष के लिए दान करने वाला हूँ !

ये डिजिटल इण्डिया का नाम लेकर जो बिजनेस कर रहे हैं ! एक बार सोचिये पैसे , आपको कहाँ से देंगे , जब आप इनके ऐप डाउनलोड करके , अपने मोबाइल को हेंग करवा दोगे या दूसरों से भिखारी की तरह ये सब करने को कहोगे या फिर फेसबुक और व्हाट्सऐप के ग्रुप्स में गाली खाते फिरोगे , अंत में आपको बता दूँ , ऐप कम्पनी भी लुटने नहीं बैठीं हैं जब कोई मुर्गा फसेगा , तब उनको दस रूपये मिलेंगे तब आपको एक रूपये आपको मिलेंगे , मिलेंगे या नहीं ? मेहनत और समय के हिसाब से , बेवकूफ बनने का काम है , जबकि गूगल ऐडसेंस आपको बताता है कि आपकी वेब पर कौन-कौन आया, किस देश से आया और हर पल कितने डॉलर कमाई हो रही है !

अपनी ब्लॉगर की क्लास में फिर से बता रहा हूँ ! हँसते रहिये , हंसाते रहिये !

इस लिंक को क्लिक कीजिये और ब्लॉगर बनिए !

 

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