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FUNNY JOKES

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माह

अप्रैल 2016

अच्छी बात ।

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एक अँधा लड़का सड़क के किनारे बैठा था. उसके पैरो के पास ही एक बोर्ड रखा था. जिस पर लिखा था, “मै अँधा हूँ , कृपया मेरी सहायता कीजिये.” और पास ही उसकी टोपी रखी थी जिसमे बहोत थोड़े से सिक्के पड़े थे.
एक आदमी वहा से गुजरा. उसने लड़के के टोपी में थोड़े से सिक्के देखे. उसकी नज़र बोर्ड पर पड़ी. उसने अपने जेब से कुछ सिक्के निकाले और उसकी टोपी में डाल दिए. उसने बोर्ड को उठाया और बोर्ड पर कुछ और लिखा, वापस बोर्ड को उस जगह पर रखा और अपने रस्ते चला गया, अब जब भी कोई वहा से गुजरता उसे वहा नए शब्द लिखे हुए दीखते थे.
थोड़ी देर बाद उस अंधे लड़के ने महसूस किया की उसकी टोपी सिक्कों से भर गयी है. पहले की अपेक्षा ज्यादा लोगो ने उसकी टोपी में पैसे डाले. दोपहर में वही आदमी जिसने सुबह तख्ती पर लिखे वाक्य को बदला था, ये देखने वापस आया की उसके लिखे वाक्य का क्या असर हुआ. अंधे लड़के ने उसके कदमो की आहट पहचान ली, ”आप वही है ना जिसने सुबह मेरे बोर्ड पर शायद कुछ लिखा था.” उसने पूछा, “क्या लिखा था आपने?”
उस आदमी में कहा,”मैंने भी वही सच लिखा, जो तुमने लिखा था. लेकिन एक दूसरे तरीके से.”
उसने लिखा था, “आज कितना खुबसूरत दिन है, पर मै इसे देख नहीं सकता.”
क्या आप समझते है, पहले लिखा वाक्य और बाद में लिखा वाक्य एक ही बात कह रहे थे?
निःसंदेह, दोनों ही वाक्य का अर्थ एक ही था पर पहला वाक्य ये कह रहा था की वो लड़का अँधा है और दूसरा वाक्य ये कह रहा था की उसकी अपेक्षा दूसरे लोग कितने भाग्यशाली है जो इस खुबसूरत दुनिया को देख सकते है. और यही वजह थी की दूसरा वाक्य ज्यादा प्रभावकारी साबित हुआ.
आपके पास जो है उसके लिए आभारी बनो. रचनात्मक (Creative) बनो. कुछ नया करने की कोशिश करो. अलग प्रकार से और सकारात्मक रूप से सोचो. दूसरो को ज्ञान के लिए और अच्छे के लिए आमंत्रित करो. गलतियों को माफ़ करते हुए जीवन जियें और पछतावे के बिना प्यार करें , जब जीवन आपको रोने की 100 वजह देता है तो आप उसे हंसने की 1000 वजह दीजिये. अपने भूतकाल का बिना किसी पछतावे से सामना करे. अपने वर्तमान को आत्मविश्वास के साथ संभाले. और बिना डरे भविष्य को बनाये. भरोसे को रखे और डर को फेक दे. महापुरुष कहते है, “जीवन ये मरम्मत और पुनर्निर्माण करने की सतत चलने वाली क्रिया है, जिसमे बुराई को नष्ट करे और दयालुता को बढ़ाये. जब आपको बिना डरे जीवन की यात्रा करते हो तो आपके पास अपने विवेक की टिकट होना बहोत जरुरी है. दुनिया में सबसे अच्छी चीज़ किसी व्यक्ति को हँसते हुए देखना है…. और इस से भी ज्यादा अच्छी बात उसकी हंसी के पीछे की वजह “आपका होना है”.!!!
हँसते रहिये हंसाते रहिये ।
http://www.hansmukhiji.com/2016/04/Life-is-beautiful.html?m=1

SHADI KAISE HOGI ?

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लाफ्टर की बुआ

 

जोक पढने के बाद मुझे दबाएँ ?

एक चलते फिरते युवक ने खुद की शादी के लिए शादी डॉट कॉम पर फ़ोन लगाया और फ़रमाया !
मुझे मेरी पसंद की सुंदर सुकन्या से विवाह करना है , मिलेगी क्या ?
ऑपरेटर ने कंप्यूटर खोलकर पूछा ? ” आपकी पसंद क्या – क्या होगी , सर !
युवक :- गृह कार्य में निपुण हो , खाना बढ़िया बनाए और अपने हाथों से खिलाए !
ऑपरेटर :- मिल गयी , और ??
युवक :- हंसमुख स्वभाव की हो और मज़ेदार बातें करे ?
ऑपरेटर :- ये भी मिल गयी , और ???
युवक :- जो मुझ पर विश्वास करे और खुद भी विश्वासघात न करे ?
ऑपरेटर :- और ये भी मिली , अब बस या और ?
युवक :- ( खी-खी करते हुए ) :- बस आखिरी में , ये तो बताना भूल ही गया कि वो मुझे जी भरकर प्यार करे ?
ऑपरेटर :- ( आश्चर्य से ) :- सर ! एक बात समझ में नहीं आई ??? पूछूं क्या ???
युवक :- क्यों नहीं ? आज , आपने तो मेरा दिल ही खुश कर दिया ??? पूछिए न ?
ऑपरेटर :- सर ! इतनी महंगाई के जमाने में लोगों से एक नहीं संभल रही है क्या आप इन चारों युवतियों को मैनेज कर पाएंगे ?
सुनकर युवक बेहोश है , चारपाई पर लिटाकर , चार लोग , चारबाग हॉस्पिटल ले गए हैं !

जरुर पढ़ें -> कामवाली बाई का इंटरव्यू ?

 

गणित की भड़ास

IMG_20160313_004047ऐसे ही जोक्स के लिए मुझे दबाएं ।

 

गणित विषय के स्टूडेंट्स का दर्द जो आने वाले समय में उनकी डायरियों में देखने को मिलेगा :-
( कृपया अन्यथा न लें और रचनात्मकता का मज़ा लें )

1) पता नहीं कौन सी नाव थी वो जो हमेंशा कभी धारा की दिशा में तो कभी धारा के विपरीत दिशा में चलती थी, और हमारी नैया डुबा दिया करती थी।

2) एक खास ट्रेन भी हुआ करती थी जो स्टेशन A से स्टेशन B की ओर चलती थी। मैं पूरे ग्लोब और गूगल का औचक निरीक्षण कर चुका हूँ, पर ये दोनों स्टेशन आज तक नहीं मिले। कभी-कभी एक दूसरी ट्रेन भी होती थी जो स्टेशन B से स्टेशन A की तरफ चलती थी। हालांकि ये कभी नहीं बताया गया कि दोनों स्टेशनों के बीच दो ट्रैक हैं या दोनों ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चलती हैं। पता नहीं वो पागल आदमी कौन होता था जो साला कभी इन ट्रेनों के विपरीत दौड़ता तो कभी साथ-साथ। जो भी हो, मुझे लगता है कि मुझसे भी ज्यादा बेरोजगार रहा होगा बेचारा।

3) एक बहुत भ्रष्टाचारी दूधवाला भी हुआ करता था जिसकी खोपड़ी कुछ सटकेली थी। पहले ये भाईसाहब दो छोटे कंटेनर में एक-एक करके तीन भाग दूध और एक भाग पानी मिलाते थे… फिर इस मिश्रण को एक बड़े से कंटेनर जो आधा दूध से भरा होता था, उसमें मिला दिया करते थे। इसके बाद बड़े प्रेम से पूछते थे कि अब बताओ बेटा कुल कितना भाग दूध और कितना भाग पानी है। अबे , अपना बिजनेस सीक्रेट क्यों ओपन कर रहा है बे? जाकर मफलर बाबा के पास शिकायत कर दूंगा तो साले तेरी दुकान के आगे धरने पर बैठ जाएगा। फिर बेचते रहियो दूध…

4) और सबसे मस्त तो वो चोर होता था। ये साला पूरी दुकान लूटकर ढाई बजे भागता था और एक मोटे तोंद वाला नकारा पुलिस सिपाही पैंतालीस मिनट बाद उसे पकड़ने भागता। इस पूरे काण्ड में फायदा या तो चोर को होना था, या नहीं तो सिपाही को प्रोमोशन मिलनी थी। पर सवाल हमसे तलब किये जाते कि, “बताओ पुलिस कितने घंटे बाद चोर को पकड़ेगा?” अबे मैं क्या दरोगा हूँ जो मेरे से पूछ रिये हो। सच तो ये है कि तुम्हारा सिपाही कभी नहीं पकड़ पायेगा, क्योंकि साला चोर 120 की स्पीड में कार से भागा है और तुम्हारा सिपाही 45 मिनट बाद 12 की स्पीड में पैदल। कमबख्त मारे!

5) इसी तरह एक ठेकेदार हुआ करता था। ये सज्जन रोज 20 पुरुष, 15 महिलाएं और 10 बच्चों के खेत जुतवाया करते थे। और पूछते हमसे थे कि बताओ इसी तरह 12 पुरुष, 17 महिलायें और 8 बच्चे उसी खेत को कितने दिन में जोतेंगे। घंटा! ये कौन सी खेत है बे तुम्हारी जो आज तक जुत ही रही है। और तुमपर तो कमीने केस ठोकुंगा मैं आज। साले बाल-मजदूरी करवाते हो! महिला दिवस बीते एक सप्ताह भी नहीं हुआ, और महिलाओं पर अत्याचार शुरू!

6) एक बड़ा ही अजीबोगरीब मेन्टल भी था। कमीने के पास तीन नल थे – A, B और C. पहले वाले नल को 20 मिनट चलाता, फिर दूसरे नल को 15 मिनट तक। इसके बाद साला गजब करता। तीसरा नल जो टंकी को खाली करता था उसे चला देता। और हमसे पूछता कि बताओ टंकी कितने देर में खाली होगी! बताओ है कोई जवाब इसका। साले जब तुझे नहाना ही नहीं था तो नल क्यों खोला! पानी बर्बाद करते हो! तुम जैसे अर्धपागलों के कारण ही ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बना हुआ है…

हँसते रहिये , जिसका दर्द वही जाने ।

 

आपकी जिंदगी बदल जायेगी ।

http://www.hansmukhiji.com/2016/04/blog-post_9.html?m=1received_803749586371951

सचमुच जर्रूर पढ़िए

 

internet se paise kaise kamayen Blogger ki classe – 2

मित्रों , यह सच है कि ब्लॉग बनाकर एडसेंस के द्वारा विज्ञापन से आय होती है , जैसा कि आप मेरी वेबसाईट( hansmukhiji.com) पर देख रहे हैं ! आज आपको बता रहा हूँ कि ब्लॉग लिखने के बाद , आप अपनी ब्लॉग के ले आउट के बारे मे बताते हैं  Continue reading “internet se paise kaise kamayen Blogger ki classe – 2”

झूठ बोले कव्वा काटे ?

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लाफ्टर की बुआ

सोचा , चलो पडौसी के हाल चाल ले आयें  ? लेकिन शायद दोनों दरवाजा बंद करके , फेसबुक व्हाट्सएप में लगे थे , हमने बाहर से ही हांक लगायी , भैय्या घर में हो क्या ? थोड़ी देर बाद भाभी जी की सुरीली आवाज आई ” नहीं हैं , बाहर गए हैं ! , हमने हिम्मत न हारते हुए कहा लेकिन उनकी खटारा गाड़ी तो खड़ी है ! भाभी जी फिर किटकिटाते हुए बोली ” आज पैदल ही निकल लिए ” हमने फिर से अपनी अकल दौडाई और कहा ” लेकिन टूटी चप्पल तो यहीं पड़ी है ” भाभी जी कम चतुरी नहीं थीं बोली ” आज नंगे पैर ही चले गए ? ” हम भी पक्के अड़ियल थे , अबकी बार “पैर” शब्द को अनसुना करते  हुए आश्चर्य से पूछा ” क्या बिना कपड़े के ही चले गए ? “

 अबकी बार पडौसी ने झुंझलाते हुए , चिल्लाकर कहा  ”  यार , कोई नवरात्री के दिन नंगे पैर चला गया तो तुम मान क्यूँ नहीं जाते ??

हमने कहा अरे ! भाईसाब आप कहाँ से टपक पड़े ?

वे दरवाजा खोलते हुए बोले ” क्यूँ पीछे वाले दरवाजे से नहीं आ सकते क्या ? कहिये क्या बात  है ?

हमने कहा ” बात वात कुछ नहीं बस यह पूछने आये थे  कि नेट स्लो आ रहा है क्या ??

पडौसी बोले ” यहाँ हम खुद आधे घंटे से परेशान हैं , पिक्चर डाउनलोड ही नहीं हो रही, बस गोला घूम रहा है ! भाभी जी भी बोली ” मेरी खुद की प्रोफाइल पिक्चर चेंज किये तीन मिनट हो गए  , एक भी लाइक नहीं आया ?

हम तो सोच के परेशान हैं , क्या फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए इतना झूठ जायज  है !

ऐसे ही मजेदार जोक्स के लिए नीचे लिखा लिंक खोलिए पति पत्नी के मजेदार किस्से

 

टी-20 फाइनल

पत्नी जी ने जान बूझ कर क्रिकेट का मैच लगा दिया और बार – बार , चोंच से एक ही बात कितना अच्छा होता जो इंडिया भी खेलती !
पति :- मेरे ससुराल वालों की बददुआ जो लगी है !
पत्नी :- इसका मतलब हम मनहूस हैं ?
पति :- मैंने , ये कब कहा और अब तुम तो इस घर की हो ?
पत्नी :- मुझे तो पहले से ही शक था कि तुम मेरे घर को अपना घर नहीं समझते !
पति :- अरी पगली ! ये तुम कहाँ की बात को कहाँ ले जा रही हो ?
पत्नी :- अच्छा , सबको पागलखाना समझ रखा है , मैं समझती रही कि प्यार में “पगली” बोलते हो रोज ?
पति ( हथियार डालते हुए ) :- अच्छा , छोड़ो टॉस होने वाला है , चलो बताओ कौन जीतेगा ?
पत्नी :- भाड में गया टॉस , देखना हो देखो , खाना तुम्हें ही बनाना है !
” आप ” ही देख लो मैच , मेरा मन नहीं है ( काम पड़ा है ?) ! हा हा हा !

इसी तरह के जोक्स के लिए नीचे दबाइए :-

मुझे दबाइए

 

 

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टी 20

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पत्नी ने पति के आते ही टीवी चालू कर दिया !
पति बोला :- पगली , कल मन गया अप्रैल फूल , अब किसको बना रही हो ?
पत्नी बोली :- बने बनाए को क्या बनाना , बस आपका क्रिकेट का बुखार धीरे – धीरे उतरना चाहिए , और कल होने वाला फाइनल याद रहे इसलिए चलाया ?
पति ने भोलेपन से जवाब दिया :- पड़ोसियों की लड़ाई देखने का मज़ा जितना तुम लोगों को आता है , उतना हम लोगों को नहीं आता !!!
इतनी सी बात पर पत्नी ने टीवी बंद कर दिया और दहीबड़े जैसा मुंह बनाकर बैठी है !
इसको क्या कहेंगे ?
सूत न कपास , जुलाहों में लठम लट्ठा या बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ?

http://www.hansmukhiji.com/2016/04/t-20-final-ke-pahle-pati-patni-ka-hall.html

अप्रैल फूल

आज का झूठ ?
पत्नी बोली :- क्यों जी , आज अप्रैल फूल नहीं मनाओगे ?
हम बोले :- ससुराल से मिले इस फूल को अब तक मुरझाने न दिया , इससे बड़ा ” फूल ” डे , क्या हो सकता है ??
अब ” आप ” ही बताइए , इतनी सी बात पे कोई मुंह फुलाता है क्या ??? वो भी तरबूजे जैसा ???
हा हा हा ! हँसते रहिये !

तोतला पति …..मुझ पर क्लिक करिए

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