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आजकल पेट से ज्यादा तो नेट में पैसे जा रहे हैं ,
सोचा… छोड़ दूँ , इस दुनिया को ???
फिर मन के कोने से आवाज़ आई !!
पगले , फेसबुक तो छोड़ी नहीं जा रही ,
दुनिया छोड़ने चले हो , पकाते रहो !!!!

शुभ रात्रि !

http://www.hansmukhiji.com/2016/02/blog-post_69.html

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