doctor patient

डॉक्टर की क्लिनिक में एक पेट दर्द के मरीज़ ने कराहते हुए एंट्री मारी , लेकिन कम्पोउन्डर ने रोकते हुए कहा :- ” भैया , आज साल का आखिरी दिन है और हँसमुखी डॉक्टर अपने बीते हुए दिनों की “खीज़” निकाल रहे हैं ! मरीज़ ने बात अनसुनी करते हुए अंदर एंट्री मारी और डॉक्टर से बोला ” डॉक्टर साब ,पेट दुःख रहा है और आज पार्टी ……….. जैसे ही डॉक्टर ने “पार्टी” शब्द सुना , तुरंत मरीज़ के कपडे उतारे और मरीज़ के पेट में दो घूंसे चिपका दिए और पूछा ” अब हो रहा है ? मरीज़ ख़ुशी से चीखा :- ” बिलकुल , चला गया ” ! मरीज़ ने बाहर निकल कर कम्पोउन्डर से पूछा ” भाई , दर्द तो चला गया , लेकिन डॉक्टर , बीते दिनों की खीज़ कैसे निकाल रहे थे , ये समझ नहीं आया ??
कम्पोउन्डर बोला :- बड़ी पकाऊ कहानी है ये , दरअसल , डॉक्टर बनने से पहले , ये दो सौ ग्रुपों के एडमिन थे ,बेरोजगार थे , तब सारे सदस्य इनसे पार्टी माँगा करते थे , आज डॉक्टर हैं , तो कोई पार्टी ही नहीं मांग रहा ? वो तो अच्छा हुआ , तुम्हारा दर्द घूंसे से चला गया वर्ना पेट में इंजेक्शन घुसेड़ देते !

मरीज़ अभी भी चिल्लाते हुए भाग रहा है , मुझे एडमिन से पार्टी नहीं चाहिए ??? हा हा हा !!!

http://narendradubeyhansmukhi.blogspot.in/2015/12/blog-post_31.html

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