हास्य को सच न समझिये , प्लीज !
हँसमुखी पति :- चलो आज मैं तुम्हें गरमा-गरम ढाबे की तंदूरी रोटी और शाही पनीर खिलवाता हूँ ?
पत्नी :- ‘क्यों, क्या मेरे हाथ की रोटियाँ , अब मुलायम नहीं बनती या मेरे हाथ की सब्जी में कड़वेपन का अहसास हो आ रहा है ?? बोलो , आखिर क्या बात है ???

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http://narendradubeyhansmukhi.blogspot.in/2015/12/blog-post_51.html

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