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माह

अक्टूबर 2015

हा हा हा

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हास्य को हास्य में ही लीजियेगा ?
फेसबुक और व्हाट्सएप पर आज कल एक मैसेज ज्यादा चल रहा है , प्रदूषण से बचने के लिए , फटाके न फोड़ें , बल्कि उसके सर पर पत्थर बम फोड़ें , जो आपको यह सलाह दे रहे हैं !
अब हमारी भी , हमारे हंसमुखी दोस्तों से अपील है कि डायबिटीज से बचने के लिए , मिठाई न खाएं , बल्कि हमारे मुंह में ठूसें , क्यूंकि, ये सलाह हम दे रहे हैं !
एक गाना भी आपको पकाने के लिए :-
तर्ज :-

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे
तब तुम मेरे पास आना प्रिये, मेरा दर खुला है खुला ही रहेगा
तुम्हारे लिये, कोई जब ……
पकाऊ गीत :-
कोई जब तुम्हें मिठाई गिफ्ट पैक दे , तडपता हुआ डायबिटीज छोड़ दे ,
तब तुम मेरे पास आना प्रिये ,मेरा मुंह खुला है , खुला ही रहेगा , तुम्हारे लिए …..

http://narendradubeyhansmukhi.blogspot.in/

ha ha ha

ससुर- अरे दामाद जी अचानक कैसे आना हुआ वो भी बारात के साथ।
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दामाद- वो सोचा आजकल सब अपना पुरस्कार लौटा रहे है तो मैं भी..।
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ससुर- सिर्फ पुरुस्कार नहीं बेटा , दहेज़ भी ले आना ब्याज समेत और हाँ चार बोरी दाल न भूल जाना ।
दामाद बेहोश ।

ha ha ha

माफ़ कीजिये जब टीवी खोला तो लगा कि “आप ” को एक गम्भीर बात बता कर ” दशहरा ” मनाना चाहिए ??? , कहीं जातिवाद पर बहस , कहीं पुरुष्कार लौटने की राजनीति ,,बंद कर दीजिये अपना TV थोड़ी देर तक क्यूंकि , यही न्यूज़ चैनल वालों का ” चारा ” होता है , विज्ञापनों से करोड़ों की कमाई , पेड न्यूज़ से अरबों की कमाई ,पहले दूरदर्शन पर समाचार के बीच में कोई ब्रेक नहीं होता था , अब वो भी कमाई के चक्कर में…… ? सबसे बड़ा घोटाला तो यही है जिसकी न्यूज़ कोई न्यूज़ चैनल वाला क्यूँ दिखायेगा ????? हमें कौन सुनेगा कुछ लाख फेसबुक फ्रेंड्स बस लेकिन उनके पास करोड़ों सुनने वाले हैं ,10 सर हैं , जो हर आम आदमी से पूछ रहे हैं , आपको मरते हुए कैसा महसूस हो रहा है , हँसमुखी जी , “आप “, अपने को कितना ठगा महसूस कर रहे हैं , लेकिन “आप ” का चेहरा दिखा कर खुद करोड़ों जेब में भर रहे हैं ?? केमरा परसन मेघनाथ के साथ कुम्भकरण …
“रावण” न्यूज़ ,
इस रावण को कौन सा राम मारेगा ??? मेरी बात तो आप हास्य – व्यंग में ही लेते हैं …हा.हा.हा. ..नरेन्द्र दुबे “हँसमुखी” …

हा हा हा

Source: हा हा हा

हा हा हा

पहला : यार तुम उदास क्यूं हो ? दाल की वजह से ?
दूसरा : क्या यार , जब देखो दाल ही दाल , क्या लड़की कुछ नहीं रही , अब ?
पहला : अच्छा , लड़की की वजह से उदास है क्या ? अरे , बता न क्या हुआ ?
दूसरा : क्या बताऊं यार, हंसती थी, हंसाती थी, बालों को लहराती थी, कुछ सोच कर मुस्कराती थी, देख कर शर्माती थी, लेकिन आज पता चला, वो सच में पागल थी और मुझे भी पागल बनाती थी !! 1939604_688420627921112_7454865684985280321_n

रावण जी का साक्षात्कार

पुरानी , पुनः प्रकाशित , दशहरे की पोस्ट :- आपको विजयादशमी की अग्रिम शुभकामनाओं के साथ , पूरा पकिये ??

दशहरे के दिन , रावण को जलाने से ठीक पहले आवाज़ आयी ! हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा !
दशानन सामने खड़े थे ,
“एक इंटरव्यू हो जाए रावण जी के साथ :-
ओह अच्छा ! तो आप ही हो श्रीमान रावण ! एक बात बताओ..ये दस-दस मुंह संभालने पर थोड़ी मुश्किल नहीं हो जाती आपको ? मेरा मतलब शैम्पू वगैरह करते टाइम..यू नो…और कभी सर दर्द शुरू हो जाए तो पता करना मुश्किल हो जाता होगा कि कौन से सर में दर्द हो रहा है…?
रावण – पहले ये बताओ तुम लोग कैसे डील करते हो इतने सारे मुखोटों से ? हर रोज चेहरे पे एक नया मुखोटा , उस पर एक और मुखोटा , उस पर एक और कभी हँसमुखी चाहे बीबी से पिटकर आये हो क्यों ! यार एक ही मुंह पर इतने नकाब…थक नहीं जाते ?
अरे-अरे आप तो सिरियस हो गए रावण जी …मै तो वैसे ही… अच्छा ये बताओ मैंने सुना है आप कुछ ज्यादा ही अहंकारी हो ?
रावण- हाहाहाहाहाहाहा , हा हा हा हा हा !
अब इसमे हंसने वाली क्या बात थी , कोई जोक मारा क्या मैंने ?
रावण- और नहीं तो क्या…एक ‘कलियुगी इन्सान’ के मुंह से ये शब्द सुनकर हंसी नहीं आएगी तो और क्या होगा ? तुम लोग एक छोटी मोटी डिग्री क्या ले लो, अँग्रेजी के दो-चार अक्षर क्या सीख लो, यूं इतरा के चलते हो जैसे तुमसे बड़ा ज्ञानी कोई है ही नहीं इस धरती पे ! एक तुम ही समझदार ,बाकी सब गँवार ! और मैंने चारों वेद पढ़ के उनपे टीका टिप्पणी तक कर दी ! चंद्रमा की रोशनी से खाना पकवा लिया ! इतने-इतने क्लोन बना डाले, दुनिया का पहला विमान और खरे सोने की लंका बना दी ! तो थोड़ा बहुत घमंड कर भी लिया तो कौन आफत आ पड़ी… हैं , आज किसी अमीर को घमंडी कह सकते हो ?
चलो ठीक है बॉस,ये तो जस्टिफ़ाई कर दिया आपने, लेकिन…लेकिन गुस्सा आने पर बदला चुकाने को किसी की बीवी ही उठा के ले गए ! ससुरा मजाक है का ? बीवी न हुई छोटी मोटी साइकल हो गयी…दिल किया, उठा ले गए बताओ !
(एक पल के लिए रावण महाशय तनिक सोच में पड़ गए, हमारे चेहरे पर एक विजयी हंसमुखी मुस्कान आने ही वाली थी कि फिर वही इरिटेटिंग अट्टहास )
हाहाहाहाहाहहह लुक हू इज़ सेइंग ! अरे ! मैंने श्री राम की पत्नी का हरण किया , मानता हूँ बहुत बड़ा पाप किया और उसका परिणाम भी भुगता ,पर मेघनाथ की कसम-कभी जबरदस्ती तो दूर…हाथ तक नहीं लगाया,उनकी गरिमा को रत्ती भर भी ठेस नहीं पहुंचाई और तुम.. तुम कलियुगी इन्सान !! छोटी-2 बच्चियों तक को नहीं बख्शते ! अपनी हवस के लिए किसी भी लड़की को शिकार बना लेते हो…कभी जबरदस्ती तो कभी झूठे वादों,छलावों से ! अरे तुम दरिंदों के पास कोई नैतिक अधिकार बचा भी है भी मेरे चरित्र पर उंगली उठाने का ?? फोकट में ही पका रहे हो ?
इस बार शर्म से सर झुकाने की बारी मेरी थी…पर मै भी ठहरा पक्का ‘इन्सान’ ! मज़ाक उड़ाते हुए बोला…अरे जाओ-जाओ अंकल ! दशहरा आज ही है, सारी हेकड़ी निकाल देंगे देखना ?
(और इस बार लंकवेशवर जी इतनी ज़ोर से हँसे कि , मैं गिरते-गिरते बचा !)
यार तुम तो नवजोत सिंह सिद्धू के भी बाप हो ,बिना बात इतनी ज़ोर-2 से काहे हँसते हो…ऊपर से एक भी नहीं दस-दस मुंह लेके, कान का पर्दा फाड़ दोगे, जरा और ज़ोर से हंसो तो !
रावण- यार तुम बात ही ऐसी करते हो । वैसे कमाल है तुम इन्सानो की भी..विज्ञान में तो बहुत तरक्की कर ली पर कॉमनसेंस एक धेले का भी नहीं ! हर साल मेरा पुतला भर जला के खुश हो जाते हो बस ……घुटन मुझे होती है तुम लोगों का लैवल देख कर…मतलब जानते नही दशहरा का ,बदनाम मुझे हर साल फालतू में करते हो
किसी दिन टाइम निकाल कर तुम सब अपने अंदर के रावण को देख सको तो पता चले की क्या तुम मुझे जलाने लायक हो ??
जलाना छोडो ! तुम आज के तुच्छ इन्सान मेरे पैर छूने के भी लायक नही..
बाकी दिल बहलाने को कुछ भी करो !
आप सभी को दशहरा की हार्दिक शुभ कामनाएं दे तो रहा हूँ पर मेरा मुंह देखने लायक है , क्योंकि
ये बोल कर रावण अकंल निकल लिये लेकिन मुझे मेरा लैवल समझा गये !
हँसते रहिये , हँसाते रहिये !

ha ha ha

हम अपनी हंसमुखी पत्नी जी के लिए बेर खरीद लाये , देखते ही बोली :- चखकर खिलाती हूँ !
हमने सोचा ये सबरी की आत्मा कहाँ से आ गयी ?
हमने कहा :- भावना अच्छी है ! इतना सुनते ही रहस्यमयी अंदाज़ में एक बेर चखकर हमें टिकाया , जैसे ही हमने चखा , इतना खट्टा , कि क्या बताएं ?
इसके पहले कि हम कुछ कह पाते , वो बोली :- भावना अच्छी है , हमारी भी फेसबुक फ्रेंड है , बता रही थी कि ” अंकल जी , आज कल फेसबुक पर मीठी – मीठी बातों से ज्यादा पका रहे हैं , कहीं आपको शुगर न हो जाए इसलिए ….

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